Vitamin E Capsule के फायदे और नुकसान – Vitamin E Capsule Benefits and Side Effects

दोस्तो आज के इस Article में हम खास तौर पर जानेंगे Vitamin E Capsule के बारे में के यह कैप्सूल का इस्तेमाल करना चाहिए?, किसको इस्तेमाल करना चाहिए और किसको इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

Vitamin E Capsule
Vitamin E Capsule

Vitamin E Capsule के फायदे और नुकसान

इस कैपसूल के बारे में जानने से पहले ये जानना जरुरी है कि Vitamin E Capsule होता क्या है इसका हमारी बॉडी में क्या काम होता है और इसकी ज़रूरत को किस किस तरीके से पूरा किया जा सकता है।

हमारी बॉडी को डेली एक ऐवरेज क्वांटिटी में कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन विटामिन और मिनरल्स की ज़रूरत होती है। जिसमे VITAMIN-E भी नाम आता है जिसे एंटीऑक्सिडेंट के रूप में भी जाना जाता है।

जो हमारे बॉडी सेल्स और टिश्यूज को फ्री रेडिकल्स से होने वाले डैमेज से काफी हद तक प्रोटेक्ट करता है। शायद आप लोग फ्री रेडिकल के बारे में नहीं पता होगा। हमारे शरीर में फ्री रेडिकल एक ऐसा रिएक्टिव ऐटम और मॉलिक्यूल होता है जो बॉडी सेल्स को डैमेज करता है।

इतना ही नहीं बहुत सारी बीमारी के साथ साथ एज रिलेटेड जितनी भी समस्याएं होती है जैसे कि स्किन का लचीलापन खोना चेहरे पर रिंकल्स साला बाल सफेद होना बालों का झड़ना और बालों के टेक्सचर में बदलाव आना ये सब फ्री रेडिकल की ही देन होती है।

ज्यादा फ्री रेडिकल प्रोडक्शन की वजह से ही कुछ लोग कम उम्र में ही ज्यादा उम्र के दिखने लगते हैं जबकि जो लोग नियमित रूप से VITAMIN-E रिच फूड का इस्तेमाल करते हैं वो ज्यादा उम्र के होने के बावजूद कम उम्र के दिखते हैं क्योंकि VITAMIN-E फ्री रेडिकल्स से होने वाले डैमेज से बॉडी सेल्स को काफी हद तक बचाए रखता है।

VITAMIN-E स्किन, हेयर और हेल्दी हार्ट के लिए बहुत जरूरी होता है कि एंटी एजिंग भी होता है यानी बॉडी को जितनी VITAMIN-E की जरूरत पड़ती है अगर आप उतनी लेते हैं तो ये आपके बूढ़े होने की गति को भी धीमा कर देता है लेकिन अगर आप बॉडी को जितनी जरूरत है।

उससे ज्यादा VITAMIN-E लेते है तो जो एक्स्ट्रा VITAMIN-E होता है वो हमारे बॉडी में स्टोर होने लगता है जिससे कि इसके ओवरडोज का खतरा बढ़ जाता है और बाद में इसके साइड इफेक्ट भी दिखने लगते हैं। एक 14 साल से ज्यादा उम्र के सामान्य औरत या मर्द के शरीर को डेली लगभग 15 मिलीग्राम VITAMIN-E की जरूरत पड़ती है।

लेकिन जो ब्रेस्टफीडिंग औरतें होती हैं यानि कि ऐसी औरतें जिसके दूध पीने वाले छोटे बच्चे होते हैं उनको डेली लगभग 19 मिलीग्राम VITAMIN-E की जरूरत पड़ती है जो कि उनके बच्चे के मसल्स बिल्डिंग और ग्रोथ में काफी मदद करता है लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं होता कि VITAMIN-E के लिए किसी कैप्सूल या सप्लिमेंट का ही इस्तेमाल किया जाए क्योंकि ऐसी बहुत सी नैचरल चीजें होती हैं।

जिसमें हमारे शरीर की जरूरत के मुताबिक VITAMIN-E ही आराम से मिल जाता है। जैसे कि ब्रोकली, केला,सोयाबीन,अंडे,ड्राई फ्रूट्स यानी काजू,बादाम और आम लगभग सभी तरीके की दाल में रिच क्वांटिटी में VITAMIN-E पाया जाता है अब बात करते हैं एवियन विटामिन-ई कैप्सूल के बारे में ये Make by फार्मा कंपनी की है जिसकी 200, 400,600Mg की कैप्सूल आती है।

400Mg की 10 कैप्सूल की एक स्ट्रिप 22 से 25 रुपये में आ जाती है जो कि काफी अफॉर्डेबल प्राइस अगर इसके रंग की बात करे तो जो लाल और हरा रंग होता है वो VITAMIN-E की वजह से नहीं होता है बल्कि ये एक आर्टिफिशल ही अलग से तैयार किया जाता है। ये एक जिलेटिन कैप्सूल है।

जो कि नॉन वेजिटेरियन को दर्शाता है। जिलेटिन जानवर के चमड़े और हड्डियों से बनाया जाता है। एक प्योर वेजिटेरियन के लिए बिल्कुल भी सूटेबल नहीं है। VITAMIN-E कैप्सूलका का इस्तेमाल लोग दो तरीके से करते हैं। इंटर्नल यूस यानी खाने के रूप में और एक्सटर्नल योर्स यानी लगाने के रूप में।

External Use Vitamin E Capsule

पहले हम बात करते हैं एक्सटर्नल यूज़ की इसमें Vitamin E Capsule का इस्तेमाल बालों और इस स्कीम में किया जाता है जो कि काफी फायदेमंद होता है। VITAMIN-E को कोकोनट oil या फिर ओलिव आयल के साथ मिक्स करके बालों में यूज करने से ये डैमेज हेयर फॉलिकल को रिपेयर करता है।

हेयर growth को बढ़ाता है और बालों में टेक्सचर को इंप्रूव करता है इसे हनी के साथ मिक्स करके यूज करने से लिप्स को सॉफ्ट बनाता है और कैस्टर ऑयल के साथ skin पर यूज़ करने से ये स्किन के डार्क सर्कल को रिड्यूस करते हैं और रिंकल्स को काफी हद तक फेड करता है।

VITAMIN-E के एक्सटर्नल यूज में कोई सीरियस साइड इफेक्ट नहीं है लेकिन इस कैप्सूल oil को फेस पर यूज करने से पहले इस स्किन के दूसरे हिस्से पर ट्राई कर लेना बेहतर है कि कहीं ये आपकी स्किन में एलर्जी पैदा या रेडनेस पैदा तो नहीं करता है। वैसे ये साइड इफेक्ट बहुत रेयर है जो कि किसी किसी में भी देखने को मिलता है।

Internal Use Vitamin E Capsule

अब बात आती है इंटर्नल यूज की तो इस कैप्सूल का यूज VITAMIN-E की डी-एफिशियंसी को दूर करने के लिए किया जाता है। लेकिन ज्यादातर लोग में VITAMIN-E की कोई कमी नहीं होती।

अगर वो संतुलित आहार लेते हैं तो वैसे भी ही खाने पीने से ही में जाता है और इसके लिए सामान्य इंसान को अलग से VITAMIN-E की कैप्सूल या सप्लिमेंट लेने की कोई जरूरत नहीं होती है  क्योंकि एक सामान्य इंसान को दिन भर में सिर्फ 15 मिलीग्राम बाइट लेने की जरूरत पड़ती है।

अगर कोई डेली 200Mg या 400Mg VITAMIN-E कैप्सूल का इस्तेमाल करता है तो यह जरूरत से काफी ज्यादा है और एक्स्ट्रा VITAMIN-E होता है व बॉडी में स्टोर होने लगता है। इसे की ओवरडोज का खतरा काफी बढ़ जाता और फायदा होने के बजाए सीरियस साइडइफेक्ट का सामना करना पड़ जाता है।

निष्कर्ष :-

कभी कभी किसी बीमारी की वजह से बॉडी में VITAMIN-E की कमी हो जाती है तो उसे पूरा करने के लिए डॉक्टर आपकी बॉडी के रिक्वायरमेंट के हिसाब से आपको।

कैप्सूल सजेस्ट करते हैं इसका इस्तमाल हार्ट डिसीज फैटी लिवर और लंग्स कैंसर की रोकथाम के लिए भी किया जाता है लेकिन खास तौर पर इंटर्नल यूज के लिए डॉक्टर की एडवाइज लेना बहुत जरूरी है।

किसी का सुन कर या किसी का देखकर VITAMIN-E का इंटरनल यूज करना बिल्कुल भी सेफ लेंगे। इसके ओवरडोज की वजह से बहुत सारे सीरियस साइडइफेक्ट देखने को मिल सकते हैं।

जैसे कि हेडेक,आखों के सामने धुंधला छाना, एलर्जिक रिएक्शन जैसे साइडइफेक्ट देखने को मिल सकते हैं अगर ऐसा कुछ भी हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें और उनसे अपनी प्रॉब्लम के बारे में डिस्कस करें। 

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