Global Wind Day 2022: जानिए क्या है इस दिन का महत्व और इतिहास

Global Wind Day यानि पवन दिवस है। इस दिन को पवन ऊर्जा के जश्न के रूप में मनाया जाता है इसकी शुरुआत यूरोपीय विंड एनर्जी एसोसिएशन के जरिए साल 2007 में Wind Day के रूप में शुरू हुई थी जो कि 2009 के बाद Global Wind Day के तौर पर मनाया जाने लगा।

इस दिन का मकसद लोगों को पवन ऊर्जा के बारे में शिक्षित करना है EWEA आर ग्लोबल विंड एनर्जी काउंसिल यानी GWEC जो कि पवन ऊर्जा के लिए काम करते हैं यह संगठन दुनिया भर के अलग-अलग देशों में आज के दिन कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि इस जमीन का ऊपरी सतह हवा से बना हुआ है हवा की कई सतह होते हैं जिनका दबाव गति अलग अलग होता है इस वक्त दुनिया भर में ऊर्जा का महत्व काफी बढ़ गया है ऊर्जा की कमी से जूझ रहे देश भी अब सभी गैर परंपरागत ऊर्जा के स्त्रोत पर अपनी निर्भरता बढ़ाने का कोशिश कर रहे हैं।

इस दिशा में भारत भी तेजी से आगे बढ़ रहा है पवन ऊर्जा बनाने के मामले में भारत दुनिया के टॉप 10 देश में से एक है भारत में पवन ऊर्जा का काम 1990 के दशक में शुरू हुआ था इस में लगातार बढ़ोतरी हो रही है तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में पवन ऊर्जा पैदा करने का बड़े पैमाने पर चल रहा है।

World Wind Day 2022 Theme

World Wind Day 2022: Theme पवन ऊर्जा के लाभों का जश्न मनाना और सराहना करना और हमारे द्वारा उपयोग की जाने वाली ऊर्जा प्रणालियों को बदलने के लिए पवन ऊर्जा की शक्ति और क्षमता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना है।

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