ब्लड प्रेशर जड़ से खत्म

आज हम जानेंगे चार ऐसे बदलावों के बारे में जिन्हें अगर आप अपनी जिन्दगी में कर लें तो आप हाई ब्लड प्रेशर को हमेशा के लिए अलविदा कह देंगे। तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं क्या है वो बदलाव और कैसे इन्हें कर सकते हैं।

ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करे

ब्लड प्रेशर जड़ से खत्म

आगे बढ़ने से पहले आपसे एक सवाल पूछना चाहूंगा क्या आपने कभी वाटर मोटर देखी है यानी पानी की बॉटल के सवाल मैं इसलिए पूछना होगा इसका भाई ब्लड प्रेशर के ट्रीटमेंट से बहुत बड़ा कनेक्शन है तो चलिए बताइये क्या आपने कभी वाटर मोटर ने किया। बेशक देखे होंगे क्या काम होता उसका पानी को पंप करना।

एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम। लेकिन मोटर तो सिर्फ पंप करने का काम करती है उसको पानी को ट्रैवल करने का पानी एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का काम तो पाइप से करता है तो क्या आपने कभी चलते हुए मोटर के पाइप को दबाया है। अगर नहीं दबा तो दबा के देखेगा जहां पर भी आप उस पाइप को दबाएंगे वहां पर आपको प्रेशर फील होगा।

इस वजह से क्योंकि पानी बहने की कोशिश कर रहा है और आप उसका रास्ता रोक रहे हैं तो पाइप को भी वहां मशक्कत करनी पड़ेगी। वो अपने आपको वापस उसी साइज में लेकर आया और मोटर को भी वहां पर मशक्कत करनी पड़ रही है कि वो पानी को जैसे तैसे यहां से उस पार पहुंचा दे जहां आप ने दबाया हुआ है।

इस पानी की रुकावट की वजह से पाइप और मोटर दोनों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। तब आप यह सोच रहे होंगे कि इस एग्जाम्पल का हाई ब्लड प्रेशर से क्या कनेक्शन हुआ। देखिए हमारी बॉडी के अंदर भी एक मोटर है और बहुत सारे पाइप मोटर क्या है हमारा हार्ट और पाइप हमारे खून की नलियां यानीकी नसें।

जो हमारा हार्ट है वो ब्लड को पंप करता है और नसों के अंदर खून बहता है पूरी बॉडी के अंदर। लेकिन क्या होता है जब नसों को कहीं दबाव मिलता है यानि की नसें सिकुड़ जाती हैं या फिर उनके अंदर कुछ डिपॉजिट जम जाता या की कुछ फैट ट्राइग्लिसराइड अंदर जाकर नसों के अंदर जम जाते हैं और ब्लॉकेज क्रिएट करते हैं तो क्या होगा खून का रास्ता अवरूद्ध हो जाता है।

और खून के रास्ते अवरूद्ध होने की वजह से क्या होता है की खून को तो निकलना है नसें से लेकिन रास्ता या तो टुकड़ा हो चुका है या फिर ब्लॉक हो चुका है तो खून अपना प्रेशर डाल रहा वहा पर उन नसों के अंदर प्रेशर डाल रहा है।

क्योंकि वो खून निकलने की कोशिश कर रहा है उसको कम रास्ता मिल रहा है तो वह नसों पर प्रेशर डालते हुए निकलना और इसे ही बोलते हैं। हाई ब्लड प्रेशर हाई ब्लड प्रेशर के होने का कोई सटीक कारण तो अभी तक पता नहीं है।

लेकिन जो सामान्य कारण जो सबसे कॉमन कारण सामने आया है वो है धूम्रपान, मोटापा, फिजिकल ऐक्टिविटी न करना, खाने में नमक का ज्यादा उपयोग करना, तनाव इत्यादि। क्या है वो चार बदलाव जिन्हें आप अपनाकर अपनी ज़िन्दगी में ब्लड प्रैशर को अलविदा कह सकते हैं। तो चलिए जानते हैं-

हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत कंट्रोल कैसे करे

1. आप अपनी डाइट में नमक की मात्रा कम करने होंगे क्योंकि नमक एक बहुत बड़ा फैक्टर है जिसकी वजह से आपका ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। इसके पीछे का कारण यह है कि जब भी हम नमक ज्यादा मात्रा में खाते हैं तो हमारी बॉडी के अंदर सोडियम रिलीज होता है और ज्यादा मात्रा में सोडियम की वजह से हमारी नसें जो है वो पतली होने लग जाती है। यानि की उनका रास्ता पतला होने लग जाता खून बहुत मुश्किल से उसमें बह पाता और प्रेशर क्रिएट करता है। दूसरे चीज की यह वाटर रिटेंशन कैपेबिलिटी बड़ावदा हमारी बॉडी के अंदर यानि की हमारी किडनी ज्यादा नमक होने की वजह से पानी को यूरिन के फॉर्म में निकाल नहीं पाती और इसकी वजह से हमारी बॉडी में पानी की मात्रा ज्यादा हो जाने की वजह से भी हमारा ब्लड का जो अमाउंट एंड वाल्यूम बढ़ जाता और उसकी वजह से भी हमारी नसों में प्रेशर पड़ता है और उसकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर क्रिएट होता है।

2. अगर आपका वजन बढ़ा हुआ है तो आपको उसको एक नॉर्मल रेंज पर लाना होगा। बहुत सारे लोग अलग-अलग तरीके बताते हैं कि ये खा लो, वह मत खाओ Simply आप अपनी लाइफ में एक चीज समझ लीजिए कि आपको मीठा कम से कम खाना है और तेल की चीजें भी कम से कम खानी है क्योंकि मीठे और तेल में सबसे ज्यादा कैलरी होती है जिसकी वजह से आपका वेट बढ़ता है। तो अगर आप वेट लॉस करना चाहते हैं तो मीठा और तेल को खाना एक तरह से बंद ही कर दीजिए। कुछ टाइम के लिए ताकि आप का वेट नॉर्मल बैंलेस पर आ जाये। फिर आप एक नॉर्मल बैंलेस लाइफ कर पायगे।

3. आपको अपनी फिजिकल ऐक्टिविटी बढ़ाकर रखनी है। यानि की अगर आपका जॉब है कंप्यूटर पर बैठने का या फिर किसी ऑफिस में जिसमें आपको बैठने का काम ज्यादा होता है तो आपको ऐसे टाइम पर ज्यादा सतर्क हो जाना है और अपनी फिजिकल ऐक्टिविटीज बढ़ा देनी है। फिजिकल ऐक्टिविटी का मतलब सिर्फ चलने फिरने से नहीं है। इसका मतलब आपको कुछ एक्सरसाइजेज कुछ योगा पैटर्न आपके अपने डेली लाइफ में डेली रूटीन में डालना है और खास करके आपको जो ब्रीथिंग एक्सरसाइज है यानि की जैसे अनुलोम विलोम या कपालभाति होगा।

इस तरह के एक्सरसाइज आपको करनी है ये सिर्फ एक्सरसाइज आपके ब्रीथिंग सिस्टम को स्ट्रोंग नही करी है। इनका असली कारण आपको समझाता हूं। जैसे कि अगर हम नॉर्मल सांस ले रहे हैं नॉर्मल एयर हमारे अंदर ले रहे है। तो क्या हो तरह है हमारे रोज की गतिविधियां चल रहे है हमको एनर्जी मिल रही है। लेकिन जब इन एक्सरसाइजेज को करते। 

जब ब्रीथिंग एक्सरसाइज को करते है जैसे हमने डीप ब्रीथ ली। डीप ब्रीथ लेने से क्या होता है की हमारे अंदर ज्यादा ऑक्सिजन गया तो हमारी नसों में कॉलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड जमा हुआ था उस ज्यादा ऑक्सिजन की वजह से गलने लगेगा और आपका जो नसों का स्पेस वापस से नॉर्मल आने लगेगा और आपका हाई ब्लड प्रेशर वापस नॉर्मल सेट पर आ जाएगा और आप एक नॉर्मल लाइफ में वापस हो जाएंगे। 

क्योंकि मोटापा सिर्फ आपकी बॉडी का आयतन नही बढ़ाता कि आपके चर्बी यहां पर पेट में जम गई या फिर हाथ में जम होंगे ये जो चर्बी है ये जो फैट है ये कॉलेस्ट्रॉल टाइग्रेस राइस या फिर नसों के अंदर भी जाकर जमता है और उसकी वजह से भी ब्लॉकेज क्रिएट होता है और आपका नसों का जो पर्थ है अंदर जहा से ब्लड घूमेगा वह पतला होता चला जाता है तो इस मोटापे को कम करना बहुत ही जरूरी है।

4. स्ट्रेस मैनेजमेंट क्योंकि तनाव की वजह से हमारी बॉडी के अंदर बहुत सारे अलग-अलग तरह के हॉर्मोन्स रिलीज होते हैं और इस हॉर्मोन रिलीज होने की वजह से हमारी जो नसें जिससे ब्लड फ्लो होता है वो सिकुडी होने लग जाती है पतली होने लग जाती है और ब्लड का रास्ता रोकने लगता है और इससे हाई ब्लड प्रेशर क्रिएट होता है। स्ट्रेस को मैनेज करने के लिए सबसे पहली चीज क्या है आपको समझना पड़ेगा कि स्ट्रेस हो किस वजह से राहा है। ज्यादा तर स्ट्रेस हमारी गतिविधियों की वजह से होता है जो अपनी लाइफ में कर रहे होते है। 

रिलेशनशिप्स, जॉब या जो भी हम काम कर रहे या पढ़ाई कर रहे हैं इसकी वजह स्ट्रेस आता तो दिन में कुछ टाइम ऐसा निकाले हैं जिनमें ये सारी चीजें ना हों सिर्फ आप और आपकी जिंदगी हो तो आपको शायद कुछ समझ आ जाए। इसका मतलब मै जो बोलना चाह रहा हु वो पॉइंट है मेडिटेशन का यानी कि आप सबकुछ छोड़कर कुछ टाइम अपने साथ निकालें और एक ध्यान में सिर्फ अपने साथ रहिए इससे आप का स्ट्रेस मैनेजमेंट होगा। 

हाई ब्लड प्रेशर है जिसे हाइपरटेंशन भी बोला जाता है एक लाइफलांग चलने वाली डिजीज लाइफ लोंग चलने से मतलब यह नहीं है कि आप एक पेशेंट हैं। अगर आप यह चार चीजें जो मैंने बताया अभी अगर आप इनको फॉलो करते हैं तो आपको हाई ब्लड प्रेशर से कभी जूझना नहीं पड़ेगा। कभी आपके सीवियर सिचुएशन क्रिएट नहीं होगी और आप एक नॉर्मल लाइफ जी सकेंगे। तो ये थे वो सारी जानकारी जो मैं हाई ब्लड प्रेशर के ट्रीटमेंट के बारे में आपके साथ शेयर करना चाहता था।

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